सिर्फ वो
सिर्फ वो जब सबने साथ छोड़ दिया मोहोब्बत ने भी मुँह मोड़ लिया उस वक़्त एक दोस्त के रूप मे तू मेरी ज़िंदगी मे आयी मेरी ज़िंदगी तूने सवारी मुझे जीना सिखाया दिल से खुश रहना सिखाया हर एक बात पे मुझे संभाला है तूने कहने को तोह जी मे उसके आने से पहले भी रही थी पर उसके आने के बाद ज़िन्दगी जीने का तरीका मिला ज़िन्दगी में जीने का एक सलीका मिला पहले जीना फिसूल था अब जीने का एक मकसद मिला यू तोह दोस्त है तू मेरी पर ज़िन्दगी बस्ती है तुझमे मेरी जब सब साथ छोड़ गए मुझे अकेला कर गए उस समय तूने संभाल मुझे एक एक आंसू एक एक आंसू मेरा गिरने से बचाया है तूने जो रात को 10 बजे सो जाती थी वो मेरे लिए पूरी पूरी रात जगके बिताती थी जो चुहिया को देखकर दर जाती है वो मेरे लिए दुनिया से लड़ जाती है मेरी हर बात बोलने से पहले समझती है मेरे हर जज़्बात से अपने ख्वाब बुनती है नही बोलती वो मुझे कुछ बस मुझे हर हाल में खुश रखती है कहते थे लोग नही है मेरे काबिल वो पर आज उन लोगो से ज़्यादा जानती है मुझे वो वो सब तो छोड़ गए साथ बीच सफर में पर ...